लालकृष्ण आडवाणी

l k advani, Lal Krishna Advani

लालकृष्ण आडवाणी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं…भारतीय जनता पार्टी को भारतीय राजनीति में एक अलग पहचान एवं प्रमुख पार्टी बनाने में इनका अहम योगदान रहा है..वे कई बार भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष भी रह चुके है…

लालकृष्ण आडवाडी का जन्म 8 नवम्बर 1927 को पाकिस्तान के कराची में हुआ था..इनके पिता श्री के डी आडवाणी और मां ज्ञानी आडवाणी थी..विभाजन के बाद वे भारत आ गये थे..इनकी शुरुआती शिक्षा-दीक्षा पाकिस्तान के लाहौर में ही हुयी थी बाद में भारत आकर उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कालेज से लॉ में स्नातक किये..1965 में लालकृष्ण आडवाणी की शादी कमला से हुयी जिनसे इनके दो बच्चे भी है.. आज के समय में वे भारतीय राजनीति  में एक बड़ा नाम है..कहा जाता है महात्मा गांधी के बाद वो दूसरे जननायक हैं जिन्होंने हिन्दू आंदोलन का नेतृत्व किया और पहली बार देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनायी..

राजनैतिक जीवन

 लालाकृष्ण आडवाणी की राजनीतिक कार्यविधि जनसंघ के समय से ही है जब 1951 में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी..वे 1951 से लेकर 1957 तक पार्टी के सचिव रहे..इसके बाद 1973 से लेकर 1977 तक भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष का कार्यभार भी संभाला…1980 में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना के बाद से 1986 तक वे पार्टी में महासचिव रहे..इसके बाद 1986 से 1991 तक पार्टी के अध्यक्ष पद पर रहते हुए बड़ी ही दृढ़ता पूर्वक पार्टी को आगे बढ़ाने का कार्य किया..इसी दौरान 1990 में राम मंदिर आंदोलन के दौरान वे सोमनात से लेकर अयोध्या तक रथयात्रा भी की हालांकि आडवाणी को बीच में ही बिहार के समस्तीपुर में वहा के वर्तमान मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा गिरफ्तार भी कर लिये गये…इस यात्रा के बाद आडवाणी का राजनीतिक कद और बढ़ गया..1990 की रथ यात्रा ने लालकृष्ण आडवाणी की लोकप्रियता को चरम पर पहुंचा दिया था…1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद जिन लोगों को अभियुक्त बनाया गया उनमें आडवाणी जी का भी नाम शामिल है…

लालकृष्ण आडवाणी तीन बार भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद पर रह चुके है..आडवाणी चार बार राज्यसभा और पांच बार लोकसभा के सदस्य रहें..वर्तमान में वे गुजरात के गांधीनगर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के सांसद है..

लालकृष्ण आडवाणी पहली बार 1977 से 1979 तक जनता पार्टी की सरकार  में  सूचना प्रसारण मंत्री बने..आडवाणी ने अभी तक के अपने राजनीतिक जीवन में सत्ता के जो सर्वोच्च पद संभाला है वो है एनडीए के शासनकाल के दौरान उपप्रधानमंत्री का ..लालकृष्ण आडवाणी 1999 में एनडीए की सरकार बनने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में केन्द्रीय गृहमंत्री बने और फिर इसी सरकार में उन्हे 29 जून 2002 को उपप्रधानमंत्री का दायित्व भी सौपा गया..

भारतीय संसद में एक अच्छे सांसद के रुप में आडवाणी अपनी भूमिका के लिए कभी सराहे गए तो कभी पुरस्कृत भी किए गए..

जनवरी 2008 में एनडीए ने लोकसभा चुनाव लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में लड़ने तथा जीत होने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री बनाने की घोषणा की थी लेकिन चुनाव में एनडीए हार गई…कांग्रेस ने वाम दलों की समर्थन से मनमोहन सिंह की नेतृत्व में यूपीए की सरकार बनी…

कहा जाता है कि भारतीय जनता पार्टी को खड़ा करने और उसे राष्ट्रीय स्तर की ऊंचाई पर ले लाने में लालकृष्ण आडवाणी का अहम योगदान है…लालकृष्ण आडवाणी कभी पार्टी का कर्णधार कहे गये, कभी लौह पुरुष और कभी तो भारतीय जनता पार्टी मतलब लालकृष्ण आडवाणी कहा जाने लगा था..कुल मिलाकर अगर कहा जाय तो पार्टी के आजतक के इतिहास का अहम अध्याय हैं लालकृष्ण आडवाणी….

लेकिन पिछले कुछ वर्षो में वे अपनी मौलिकता खोते हुए नजर आ रहे हैं.. जिस आक्रमकता के लिए वो जाने जाते थे, उस छवि के ठिक विपरीत आज वे समझौतावादी नजर आते हैं..हिन्दुओं में एक ऩई चेतना का सूत्रपात करने वाले आडवाणी में आज भी लोग नब्बे के दशक का आडवाणी ढ़ूढ़ रहे है…अपनी बयानबाजी